स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, उत्तराखण्ड, देहरादून के सभागार में डॉ० प्रदीप्ता कुमार नायक, विशेष अनुश्रवक (Special Monitor-Leprosy), राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली द्वारा कुष्ठ रोग एवं कुष्ठ जनित दिव्यांगता और मानसिक से प्रभावित व्यक्तियों के मानव अधिकारों, स्वास्थ्य सुविधाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं एवं पुनर्वसन की स्थिति का जायजा लिया गया एवं सम्बन्धित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी। जिसमें डॉ० नायक द्वारा कुष्ठ रोगियों को कल्याणकारी सरकारी योजनाओं का लाभ, कुष्ठ रोग से ग्रसित या ठीक हुए रोगियों में भेदभाव की भावना उत्पन्न न होने के निर्देश जनपदों को जारी करने के दिये गये। बैठक में कुष्ठ रोग से ग्रसित लोगों को उपचार और दवाओं के साथ सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सामाजिक और आर्थिक सहायता मुहैया कराने, पात्र लोगों को सरकार की सभी योजनाओं से जोडने तथा जिन कुष्ठ रोगियों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की आवश्यकता है, उनके प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया का सरल जाए, जिससे प्रमाण पत्र के आधार पर मिलने वाली पात्र सुविधाओं का लाभ भी उनको प्राप्त हो सकें के निर्देश बैठक में दिये गये।
बैठक में निदेशक डॉ० शिखा जंगपांगी, अपर निदेशक प्रशासन डॉ० प्रीति पन्त, अपर निदेशक निर्माण डॉ० बिन्देश शुक्ला, राज्य कुष्ठ अधिकारी डॉ० महेश खेतान, राज्य मानसिक प्राधिकरण डॉ० सुमित देव बर्मन, संयुक्त निदेशक पैरा डॉ० अनिल सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० बी०एस० नेगी एवं चीफ असिस्टेंट अजय कन्नौजिया समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी बैठक में मौजूद रहे
