निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज ने गंगा सहित सभी नदियों में नियमित सफाई (ड्रेजिंग) कार्य का समर्थन किया है, उन्होंने गंगा से सिल्ट हटाए जाने को खनन करार दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
एएनआई से बातचीत में महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि बीते कई सालों से हरिद्वार से बहने वाली गंगा नंदी में ड्रेजिंग नहीं हो पाने के कारण, नदी तटों के साथ ही आस पास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो रही है। इस कारण अब गंगा नदी की समुचित गहराई बरकरार रखने के लिए नदी से सिल्ट हटाने काम किया जा रहा है, लेकिन मातृ सदन के संतों द्वारा इसे खनन करार देकर विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए गंगा ही नहीं सभी नदियों में ड्रेजिंग आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर प्रतिवर्ष मानूसन सीजन के दौरान नदी में सिल्ट और पत्थर जमा हो जाते हैं। जिससे नदी तल उठने से बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है।

ये भी पढ़ें:  एसएसपी दून के नेतृत्व में हुडदंगियों पर सख्त दून पुलिस

इसलिए मातृ सदन के संतों को ड्रेजिंग कार्य के खिलाफ अनशन के बजाय सरकार से बात करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर मातृ सदन के संत अकेले अनशन क्यों कर रहे हैं, उन्हें इसके लिए पूरे संत समाज से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अनावश्यक राजनीति नहीं होनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *