वैभव के पिता इंस्पेक्टर जगदंबा बिजल्वाण, जो अपने उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध हैं, ने हमेशा अपने बेटे को सही मार्गदर्शन देने की कोशिश की। सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन जैसी जटिल परिस्थितियों में इंस्पेक्टर जगदंबा ने अपने साहस और जिम्मेदारी से कई लोगों की जान बचाई थी। उनके नेतृत्व से वैभव ने बहुत कुछ सीखा।

जब वैभव ने फुटबॉल के साथ अपनी पढ़ाई में भी उत्कृष्टता प्राप्त करने का निर्णय लिया, तो उनके माता-पिता ने उनका पूरा साथ दिया। उनकी मां, श्रीमती निर्मल, जो सायबर सेल, SSP कार्यालय, देहरादून में उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, ने भी वैभव को नियमित रूप से इंग्लिश और सामान्य ज्ञान में मदद की। उन्होंने वैभव को पढ़ाई में खुद को लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उनके इस योगदान ने वैभव को परीक्षा में सफलता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण मदद दी

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मां के मार्गदर्शन से वैभव की तैयारी में न केवल सुधार हुआ, बल्कि उनकी आत्मविश्वास भी बढ़ा। उन्होंने समय प्रबंधन और सही तरीके से पढ़ाई करने के बारे में मां से ही सीखा। उनके कड़े अनुशासन और प्रोत्साहन ने वैभव को अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

वैभव की सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं थी, बल्कि उनके माता-पिता के मार्गदर्शन और उनकी मां की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। वैभव ने RIMC की लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त की, और फिर इंटरव्यू में अपने आत्मविश्वास और प्रदर्शन से खुद को साबित किया। वह उत्तराखंड से RIMC में दाखिला पाने वाले पहले छात्र बने, और यह सफलता उनके माता-पिता के संकल्प और मार्गदर्शन का परिणाम थी।

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पुलिस महानिरीक्षक SDRF रिधिम अग्रवाल और कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने इस सफलता पर वैभव को और उनके परिवार को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता SDRF परिवार के लिए एक प्रेरणा का प्रतीक है और हम सब गर्व महसूस करते हैं।

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