दो प्रादेशिक क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम शामिल होने के प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश पारित करने के बाद याचिकाकर्ता ने राज्य निर्वाचन आयोग से कोर्ट के आदेश का पालन करने हेतु शनिवार को आयोग में प्रत्यवेदन दिया।

याचिकाकर्ता शक्ति बर्त्वाल ने बताया कि नगर निकाय और पंचायत क्षेत्र—दोनों स्थानों की मतदाता सूची में कई लोगों के नाम दर्ज हैं जो पंचायत चुनाव में प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसे लेकर उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश दिए जाने के बाद अब उन्होंने निर्वाचन आयोग से अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की है।

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उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग क्षेत्रों की मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति का नाम होना पंचायतीराज अधिनियम-2016 में उल्लिखित धारा-9 की उप धारा-6 व 7 का उल्लंघन है। जिसमें स्पष्ट है कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में एक से अधिक बार पंजीकृत होने का हकदार नहीं होगा।

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लेकिन उत्तराखंड पंचायत चुनाव में निर्वाचन नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि आयोग को चाहिए कि वह न्यायालय के निर्देशों का पालन करे और ऐसे प्रत्यशियों का नामांकन रद्द करें जो दो प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल हैं।

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बर्त्वाल ने कहा कि अगर राज्य निर्वाचन आयोग कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करता है तो वह आयोग के खिलाफ माननीय न्यायालय की अवमानना याचिका दाखिल करेंगे

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