राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ कोई सामान्य गीत नहीं है अपितु यह देश की अखण्डता का पवित्र संकल्प है। जो हमें समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। राष्ट्र भक्ति के इस अमर मंत्र के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर के विद्यालयों में आगामी 26 नवम्बर तक स्मरणोत्सव मनाया जा रहा है, ताकि इस अमर गीत को स्मरण करते हुये राष्ट्रीय एकता, भावनात्मक समरसता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति बच्चों को जागरूक किया जा सके यह बात सूबे विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज राजकीय इंटर कॉलेज रौतू की बेली में राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘स्मरणोत्सव’ में कही। डॉ. रावत ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ को सामान्य गीत नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने का मंत्र है, जिसे बंकिम चन्द्र चटर्जी ने आनंद मठ उपन्यास में 1770 के सन्यासी विद्रोह के प्रतिरूप के रूप में लिखा था। इसी मंत्र के उद्घोष के साथ स्वाधीनता आंदोलन के कार्यक्रमों का शुभारम्भ हुआ और हजारों स्वाधीनता सेनानी जो मां भारती के बलिवेदी पर अपने आपको समर्पित कर गये उनके मुख से निकलने वाले आखरी शब्द भी वन्दे मातरम् रहे। डॉ. रावत ने कहा कि आज वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो गये हैं। हमें इस महामंत्र के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना चाहिये। यह तभी होगा जब इस अमर गीत का गायन प्रत्येक दिन विद्यालयों में किया जाय। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में मनाये जा रहे स्मरणोत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।कार्यक्रम में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया गया, इसके उपरांत डॉ. रावत ने शिक्षकों व छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर विद्यालय में शिक्षण कार्यों सहित तमाम गतिविधियों के बारे जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और पढ़ाई व अन्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।

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इसके अलावा डॉ. रावत ने कस्तूबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रौतू की बेली का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन, आवासीय सुविधाओं के बारे में विद्यालय प्रशासन से जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। आवासीय विद्यालय में छात्राओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। डॉ. रावत ने कहा कि कस्तूबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में सुविधाओं की कमी नहीं होने देंगे साथ ही शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के और प्रयास किये जायेंगे।

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इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक टिहरी के निर्वमान चैयरमैन सुभाष रमोला, ग्राम प्रधान सहित अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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