उत्तराखंड सरकार को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार द्वारा कुंदन सिंह बनाम राज्य उत्तराखंड सहित कई संबंधित मामलों में दायर सभी रीव्यू पिटीशन (सिविल) वर्ष 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि पूर्व में दिनांक 15 अक्टूबर 2024 को पारित आदेश में किसी भी प्रकार की स्पष्ट त्रुटि (error apparent) नहीं है, इसलिए उसके पुनर्विचार का कोई आधार नहीं बनता इन याचिकाओं में राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2019 से 2021 के बीच दायर कई विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) और सिविल अपीलों के विरुद्ध पुनर्विचार मांगा गया था। सभी मामलों को एक साथ सुनकर कोर्ट ने कहा कि आदेश पूरी तरह न्यायसंगत है और पुनर्विचार योग्य नहीं पीठ ने पहले विलंब को क्षमा किया, परंतु रिकॉर्ड और प्रस्तुत तर्कों को देखने के बाद याचिकाओं को निराधार पाते हुए खारिज कर दिया। साथ ही सभी लंबित आवेदनों का भी निपटारा कर दिया गया कुंदन सिंह मामले में यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा बार-बार की जा रही न्यायिक चुनौतियों के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को बरकरार रख दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय अब अंतिम रूप से लागू रहने का मार्ग साफ हो गया है

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