स्थानीय उत्पादों की खरीद से मातृशक्ति की आजीविका होगी सशक्त, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में सशक्त बहना उत्सव के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों से विभिन्न स्थानीय उत्पादों की खरीदारी की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आगामी त्योहारों में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में सहभागी बनने का आह्वान किया।

ये भी पढ़ें:  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक व मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने सोमवार को कैंट विधानसभा क्षेत्र के चार वार्डों में जनसंपर्क किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की मातृशक्ति द्वारा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार किए जा रहे उत्पाद हमारी स्थानीय संस्कृति, परंपरा और हुनर की पहचान हैं। इन उत्पादों को खरीदकर हम न केवल स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि उनसे जुड़ी महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी योगदान देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों का समय स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रदेशवासी त्योहारों पर उपहार एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद में स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक प्राथमिकता दें। हमारे द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए उत्पाद की प्रत्येक खरीद किसी परिवार की आय बढ़ाने, किसी महिला के स्वरोजगार को मजबूती देने और राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायक बनती है।

ये भी पढ़ें:  राज्य सहकारी नीति-2026 को कैबिनेट से मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान ने देश में स्थानीय उत्पादों के प्रति एक नया विश्वास पैदा किया है। राज्य सरकार भी महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

ये भी पढ़ें:  हल्द्वानी प्रकरण में भाजपा सरकार की चुप्पी चिंताजनक : प्रीतम सिंह

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस त्योहारी सीजन में स्थानीय उत्पाद खरीदें, दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें और ‘वोकल फॉर लोकल’ को जन-अभियान बनाने में अपना योगदान दें। स्थानीय उत्पादों को अपनाने से ही आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और अधिक मजबूती मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *