वित्त मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड की धामी सरकार राज्य के राजकीय कर्मचारी अथवा पेंशनभोगियों की अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा पुत्री को पारिवारिक पेंशन की स्वीकृति देने जा रही है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि ऐसे राजकीय कर्मचारी अथवा पेंशन भोगी जिनकी पुत्री के तलाक की प्रक्रिया उनके जीवित रहते हुए पूर्ण हो जाती है उन पर पूर्ण रूप से आश्रित होने की दशा में पात्रता पूर्ण करने पर पारिवारिक पेंशन स्वीकृति की जा रही है।

ये भी पढ़ें:  वंदे मातरम को लेकर कांग्रेसी रुख, विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित : भट्ट

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस व्यवस्था में ऐसी पुत्रियां भी शामिल होंगी। जिनका अपने माता-पिता के जीवित रहने के दौरान न्यायालय में तलाक की प्रक्रिया शुरू हुई हो और माता-पिता के मृत्यु के बाद तलाक हुआ हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *