मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन वर्तमान समय की आवश्यकता हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (A.I.), टेक्नोलॉजी और साइंस से जुड़े विविध विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कांफ्रेंस से प्राप्त निष्कर्ष और सुझाव भविष्य में सकारात्मक परिणाम देने के साथ-साथ राज्य और देश के डिजिटल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। इसके साथ ही राज्य पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिवर्ष 06 करोड़ से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आते हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के कारण अनेक आकर्षक डेस्टिनेशन उपलब्ध हैं। राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण है, जिससे फिल्म उद्योग के क्षेत्र में व्यापक बदलाव संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त औद्योगिक निवेश के लिए भी राज्य में बेहतर अवसर उपलब्ध हैं, जिन्हें और विकसित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के सुरम्य स्थल और आधुनिक सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बनाती हैं। सरकार इस दिशा में आवश्यक आधारभूत संरचना और सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस दौरान सचिव नितेश झा, अपर सचिव आलोक पांडे, एन.टी.टी. ग्लोबल डाटा सेंटर के इंडिया हेड निमेश कुमार, अडाणी कनेक्स के कन्ट्री हेड कपिल चुघ, यात्ता डाटा सेंटर की वाइस प्रेजीडेंट सुश्री ज्योति माल्दे, नेटफॉर चाईस डाटा सेंटर के फाउण्डर समीर यादव एवं अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे

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