उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता मै प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आज को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में प्रदेश के सभी नगर निगमो में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगमों के महापौर, नगर आयुक्तों सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए शहरी विकास मंत्री श्री कैड़ा ने कहा कि राज्य सरकार जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व मै हमारी सरकार नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।

उन्होंने कहा कि नगर निकायों के जनप्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। इसलिए उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निकायों से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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शहरी विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 500 अतिरिक्त कूड़ा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं साथ ही इन वाहनों की निगरानी और कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को ही 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि निकायों में लंबे समय से रिक्त चल रहे अधिशासी अधिकारी, अपर अभियंता तथा राजस्व निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

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मंत्री श्री कैड़ा ने सभी नगर निकायों से अपनी आय के स्रोत बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय रूप से सशक्त निकाय ही बेहतर जनसेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा राजस्व वृद्धि के नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार, विद्युत, पेयजल एवं गैस पाइपलाइन को भूमिगत करने, डंपिंग जोन विकसित करने, गौशालाओं के निर्माण तथा अन्य विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। इसके साथ ही आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त संख्या में शेल्टर होम विकसित करने पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि निकायों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी गंभीरता से प्रयास करेगी तथा उनके सुझावों को भी योजनाओं में शामिल किया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि संवाद और समन्वय किसी भी समस्या के समाधान की सबसे प्रभावी कुंजी है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार की समीक्षा बैठकों का नियमित आयोजन किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा सके और जनहित से जुड़े कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे हो सकें।

बैठक में विभिन्न निकायों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, स्वच्छता प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा शहरी विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इस दौरान बैठक मै सभी नगर निगमो के महापौर गण, सचिव नितेश झा, अपर सचिव विनोद गिरी गोस्वामी, नगर निगमो के नगर आयुक्त, उच्च अधिकारी मौजूद रहे

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