निर्माणाधीन ब्लड बैंक का कार्य 15 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश; ब्लड बैंक चिकित्सक स्टॉफ, उपकरण की जिले स्तर से ही करवाई व्यवस्था
चन्दन लैब की 3 माह की रिपोर्ट तलब; एसडीएम व सीएमओ देगें संयुक्त रिपोर्ट; आधा भुगतान रोकने के निर्देश
एसएचजीएस हिलांस कैन्टीन प्रतिदिन 500 उपभोक्ता क्षमता से संचालित; तीमारदार स्टॉफ दिखे अत्यंत संतुष्ट
गायनी न होने पर रेफर किए जाने की शिकायत पर एसडीएम व सीएमओ से मांगी सयुक्त आख्या
जनमानस की सुविधा के दृष्टिगत सेन्ट्रल लैब के सैंपल का समय आज से ही 1 घंटा बढाया
बाल वार्ड में लाईब्रेरी के साथ ही अब रहेंगे ड्रांईग व कलर; अभिभावकों से अपील बच्चों को रखे फोन से दूर
आवश्यक जीवन रक्षक दवा स्टॉक में रहे उपलब्ध; कंपनियों के साथ एग्रीमेंट का सख्ती से हो पालन
मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में कोरोनेशन अस्पताल की सूरत बदलने की कवायद में जुटे डीएम
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए डीएम ने स्वयं संभाला मोर्चा
जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज जिला चिकित्सालय कोरोनेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जानी। इस दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन ब्लड बैंक के कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यदायी संस्था को 15 मार्च 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश। डीएम ने सेन्ट्रल पैथोलॉजी का समय आज से ही 11 बजे से 1 घंटा बढकार अब 12 बजे तक करने के निर्देश दिए। चन्दन लैब के निरीक्षण के दौरान 3 माह के दिन-रात्रि में लिए गए सैम्पल की रिपोर्ट तलब करते हुए अनुबन्ध के अनुसार कार्य न किये जाने पर आधा भुगतान रोकने के निर्देश दिए जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय में संचालित चन्दन लैब का निरीक्षण करते हुए लैब के अनुबन्ध के अनुसार 24×7 कार्य की जानकारी प्राप्त करते हुए रात्रि में लिए गए सैम्पल का विवरण मांगने पर लैब की इंचार्ज जानकारी नही दे पाई जिसपर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर/प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को 03 माह में दिन व रात्रि में लिए गए सैम्पल की जांच करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि यदि अनुबन्ध के अनुसार लैब द्वारा 24×7 कार्य होना नही पाया जाता तो चन्दन लैब का आधा भुगतान रोक लिया जाए जिलाधिकारी ने सेन्ट्रललैब के निरीक्षण के दौरान तैनात कार्मिकों स्टॉप की जानकारी ली। सेन्ट्रल लैब के बाहर लगी भीड़ का कारण पूछा जिस पर बताया गया कि लैब प्रातः 11 बजे तक ही खुलती है, इसलिए सैम्पल देने वालो की भीड़ है जिस पर जिलाधिकारी ने आज से ही लैब का समय 1 घंटा बढाते हुए 12 तक करने के साथ ही निर्देशित किया कि जितने भी लोग सैम्पल हेतु बैंठे है सभी का सैम्पल आज ही लिए जाएं। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय में किचन, गायनी ओटी, वेयरहाउस, ओपीडी मरम्मत को 10 लाख मौके पर ही स्वीकृत करते हुए कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश दिए जिला चिकित्सालय में गायनी चिकित्सक न होने से अन्य चिकित्सालयों को रेफर किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर/प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन ब्लड बैंक का निरीक्षण करते हुए 15 मार्च तक कार्य पूर्ण करने के साथ ही ब्लड बैंक में किए गए कार्यों का थर्ड पार्टी निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने बल्ड बैंक के लिए चिकित्सक, स्टॉफ, उपकरण की जिले स्तर पर ही व्यवस्था कराई है। जिलाधिकारी ने ईमरजेंसी वार्ड, सामान्य वार्ड, का निरीक्षण करते हुए भर्ती मरीजों का हालचाल जाना तथा सफाई एवं खाने की गुणवत्ता की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सफाई एवं खाने की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार कोताही क्षम्य नही की जाएगी जिलाधिकारी बाल चिकित्सावार्ड का निरीक्षण के दौरान निर्देशित किया कि वार्ड में लाईब्रेरी से बच्चों को पुस्तक दी जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि एक छोटे बच्चे के हाथ में फोन था, जिस पर जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि बच्चों के हाथ में फोन न दिए जाएं इसके लिए स्थान पर ड्राईंग कलर खेलने को दिए जाएं। डीएम ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए कि बाल चिकित्सा वार्ड में रखे गए बच्चों के लिए ड्राईंग एवं कलर दिए जाएं, जिससे बच्चों का मोबाईल के स्थान पर क्रियेटिविटी में ध्यान रहे इस दौरान जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय में संचालित हिलांस आउटलेट का निरीक्षण किया इस दौरान वहां भोजन कर रहे लोगों से खाने की गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा इस दौरान जिलाधिकारी ने आटोमेटेड पार्किंग का भी निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान पार्किंग अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित थी जिससे मरीजों, तीमारदारों एवं आमजन को बेहतर सुविधा मिली है।
जिलाधिकारी सविन बसंल एक्शन मोड में है डीएम ने आज जिला चिकित्सालय कोरोनेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। डीएम ने अस्पताल के हर वार्ड और अनुभाग का बारीकी से जायजा लिया। डीएम ने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद करते हुए चिकित्सालय में व्यवस्थाएं मिल रही सुविधा की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त की। डीएम ने अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने तथा फार्मेसी में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश पीएमएस को दिए।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर/प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य हरिगिरि, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक मन्नू जैन, प्रमोद पवंार, समाजसेवी मनमोहन खत्री सहित सम्बन्धित चिकित्सक आदि उपस्थित रहे
