प्रदेशभर में प्राकृतिक आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुये विद्यालयों के पुनर्निर्माण व मरम्मत के लिये विभागीय अधिकारियों को शीघ्र विस्तृत आगणन तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं, ताकि क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत की जा सके। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जायेगा। इसके लिये जनपद व ब्लॉक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये गये सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुये विद्यालयों की जानकारी विभागीय अधिकारियों से ली। उन्होंने माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों, दीवारों, छतों, प्रांगण, बाउंड्रीवॉल आदि परिसम्पतियों की मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए अधिकारियों को पांच दिन के भीतर विस्तृत आगणन (एस्टिमेट) तैयार कर शिक्षा महानिदेशालय को भेजने के निर्देश दिये, ताकि आपदा मोचन निधि से जारी धनराशि से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त विद्यालयों के निर्माण व मरम्मत कार्य के लिये धन की कमी आड़े नहीं आयेगी, यदि आवश्यकता पड़ी तो आपदा मद से पुनर्निर्माण कार्यों के लिये और धनराशि स्वीकृत की जायेगी।

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बैठक में डॉ. रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से लेकर 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर के विद्यालयों में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़े के तहत विद्यालयों में विभिन्न जनसेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा, साथ्ज्ञ ही विशेष स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियाँ, नशामुक्ति जागरूकता रैलियाँ, डिजिटल शिक्षा के प्रचार-प्रसार तथा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर जैसे कार्यक्रम भी संचालित किये जायेंगे। उन्होंने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये कि सेवा पखवाड़े के सभी कार्यक्रम समन्वय एवं सहभागिता की भावना के साथ संचालित किये जाय और इस दौरान ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक सभी गतिविधियों की निगरानी की जाय और इसका फॉलोअप भी लिया जाय। डॉ. रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग केवल पठन-पाठन तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों के संवर्धन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अपर निदेशक एससीईआरटी पदमेन्द्र सकलानी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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