उत्तराखण्ड शासन के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय पौड़ी में स्थापित सीटी स्कैन मशीन के रख-रखाव में गंभीर लापरवाही पाए जाने के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 से उक्त सीटी स्कैन मशीन को बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के खुले में रखा गया, जिसके कारण यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह मशीन आमजन को गंभीर बीमारियों से राहत देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित की गई थी इस प्रकरण में संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता एवं सरकारी संपत्ति के संरक्षण में असफलता स्पष्ट रूप से सामने आई है जांच के उपरांत तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक डॉ. विजयेन्द्र भारद्वाज को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है उक्त तथ्यों के आधार पर शासन द्वारा डॉ. विजयेन्द्र भारद्वाज को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है।

ये भी पढ़ें:  82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग नत्थीलाल का पानी का 31657 का बिल डीएम ने करवाया माफ; वन टाइम सेटलमेंट उपरान्त रू0 20170 राइफल फंड से जमा

इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या जनता के हितों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *