लोकसभा चुनाव में इस वर्ष प्रत्याशियों को प्रचार के लिए निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर खासी सावधानी बरतनी होगी। अब प्रचार के दौरान एक साथ 10 वाहनों से अधिक का इस्तेमाल नहीं होगा। इससे अधिक वाहन होने पर 10-10 के समूह में इनका काफिला बनाना होगा। साथ ही जुलूस में शामिल वाहनों के आधार पर खर्च निकाल कर प्रत्याशी के खर्च में जोड़ा जाएगा।

रोड शो में भी प्रत्याशी आधी सड़क से अधिक का स्थान नहीं ले सकेंगे। प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तैयारियों में जुटा हुआ है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद केंद्रीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश प्रभावी हो जाएंगे। इस बार आयोग ने चुनाव में प्रचार और जुलूस के दौरान वाहनों के इस्तेमाल को लेकर खासी सख्ती दिखाई है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रचार के दौरान प्रत्याशी 10 से अधिक वाहनों के साथ नहीं चल सकेंगे। यदि प्रत्याशी को किसी श्रेणी की सुविधा मिली है तो वह सुरक्षा वाहन इसमें गिना नहीं जाएगा। प्रचार के दौरान 10 से अधिक वाहन होने पर इन्हें 10-10 के कारवां में बांटा जाएगा। इसमें भी दोनों के बीच 100 मीटर की दूरी रखनी होगी, ताकि यातायात प्रभावित न हो और आमजनता को परेशानी का सामने नहीं करना पड़े। यदि कोई प्रत्याशी इसका उल्लंघन करता है तो फिर यह जिला प्रशासन का दायित्व होगा कि वह ऐसे वाहनों को चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने तक इस्तेमाल नहीं करने दें।

साथ ही रोड शो को लेकर भी यह स्पष्ट किया गया है कि जहां बड़े अस्पताल, ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक अथवा भीड़ वाला बाजार होगा, वहां इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। रोड शो के दौरान आधी सड़क का ही इस्तेमाल होगा। इसमें भी 10 वाहनों का काफिला बनाया जाएगा। इसमें आतिशबाजी और पटाखा चलाने की अनुमति नहीं होगी।

रोड शो में स्कूली बच्चों का भाग लेना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। सभी प्रचार प्रक्रिया और जुलूस की वीडियोग्राफी भी होगी। सहायक मुख्य निर्वाचन आयुक्त मस्तूदास का कहना है कि वाहनों के उपयोग को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को उसका अनुपालन सुनिश्चित कराना होगा

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