टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया , कहा कि आज का दिन उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक दिन है, देश में उत्तराखंड राज्य पहला राज्य है जिसने आज के दिन विधानसभा के पटल पर समान नागरिक संहिता उत्तराधिकार संबंधी बिल ध्वनि मत से पारित किया उत्तराखंड राज्य के लोगों के लिए हर्ष का विषय है कि हमारे राज्य में “समान नागरिक संहिता” उत्तराधिकार कानून लागू होने से सभी धर्म की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की जायेगी, वर्तमान में प्रभावी एवं प्रचलित व्यवस्थाओं में संपत्ति में उत्तराधिकार या वसीयत के अधिकारों में व्यापक विसंगति या असमानता रही है,उनको दूर किया जायेगा,अधिकांश प्रावधानों में मृतक की संपत्ति में माता, पति – पत्नी और बच्चों को तो अधिकार थे परंतु पिता को अधिकार नहीं दिया गया था,
इसी प्रकार एक ही व्यक्ति की संतानों में लिंग के आधार पर असमानता थी, अफसोस की बात है कि विवाहित और अविवाहित पुत्री को भी अलग-अलग अधिकार थे, संपत्ति के अधिकार में पुत्र – पुत्री में व्यापक असमानता को दूर किया जाएगा,नैतिक रूप से हम देखते रहे हैं किसी महिला पुरुष के बीच रिश्ता जायज या नाजायज हो सकता है परंतु किसी नाजायज रिश्ते से उत्पन्न होने वाली संतान जो पूर्ण रूप से निर्दोष है उसको माता-पिता की संपत्ति से वंचित रखा जाता था, यद्यपि समय के साथ सामाजिक सोच व व्यवस्था में परिवर्तन प्रारंभ हुए हैं,
लेकिन समान नागरिक संहिता लागू होने से एक ही प्रयास में ऐसे निर्दोष बच्चों के सम्मान और संपत्ति के अधिकार सुरक्षित किए जाएंगे , समान नागरिक संहिता में केवल उत्तराधिकार की विसंगतियों को ही दूर नहीं किया जाएगा बल्कि वसीयत की विसंगतियों को भी दूर करते हुए सभी धर्म एवं संप्रदाय के व्यक्तियों के लिए अपनी संपत्ति एवं वसीयत के समान अधिकार दिए जायेंगे ,
सांसद ने राज्य के सभी धर्म जाति समुदाय वर्ग विशेष के लोगों को समान नागरिक संहिता लागू किए जाने पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी का और उनकी टीम का पुनः आभार व्यक्त किया और कहा धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है

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