चेस द स्कोर नहीं बल्कि चेज द गोल होना चाहिए A फॉर एप्पल, B for बॉल, C फॉर कैट के बदले ए फॉर अलकनंदा, B फॉर भगत सिंह ,C फॉर चन्द्रशेखर भी बच्चों को पढ़ाना चाहिए विद्यालयी शिक्षा में भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून सेंट जोसेफ एकेडमी के किडंरगार्डन गैज्यूएशन सेरेमनी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए, कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा उपस्थित बच्चों, अभिभावकों तथा स्कूल के शिक्षकों के साथ संवाद किया गया। अपने सम्बोन्धन में एसएसपी देहरादून द्वारा जोर देते हुए बताया गया कि प्रारम्भिक शिक्षा ही बच्चों के चरित्र एवं व्यवहार की आधारशिला होती है, इसलिये स्कूली शिक्षा मात्र ए से एप्पल तथा बी से बॉल तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बच्चों को प्रारम्भ से ही भारतीय संस्कृति के सम्बन्ध में शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए तथा ए से अलकनंदा तथा बी से भगत सिंह C से चन्द्रशेखर के विषय में भी जानकारी देनी चाहिए

जिससे बच्चों को भारतीय इतिहास तथा संस्कृति के विषय में भी मूलभूत जानकारी हो सके। देश की संस्कृति तथा इतिहास के सम्बन्ध में जानकारी उनके मानसिक एवं चारित्रिक विकास में भी लाभकारी सिद्ध होगी। साथ ही अभिभावकों को भी चाहिए कि स्कोर व अच्छे ग्रेड के

चक्कर में अपने बच्चों पर अनावश्यक रूप से दबाव न बनायें दबाव की स्थिती में बच्चों के मानसिक स्वास्थ पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड सकता। चेस द स्कोर नहीं बल्कि चेंज द गोल होना चाहिए शिक्षा का उद्देश्य, अभिभावकों तथा शिक्षकों को बच्चों को यथासम्भव अधिक से अधिक कल्चरल एक्टिविटीज तथा स्पोर्टस में प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड सकता हैं। बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए एसएसपी देहरादून द्वारा सभी बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया। अपने बीच जनपद पुलिस के सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पाकर बच्चे काफी उत्साहित दिखे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed