मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों से संवेदनशील वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाकर वन अपराधों पर नियंत्रण को अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी। वनाग्नि प्रबंधन और मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण एवं तेजी से रेस्क्यू कार्य के लिएभी इन वाहनों का उपयोग किया जाएगा। वृक्षारोपण अभियानों की निगरानी के साथ ही भू-स्खलन, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में वन एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के त्वरित व प्रभावी संचालन में भी ये वाहन काफी उपयोगी सिद्ध होंगे ।

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वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में लगातार कैंपा योजना के बजट में वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में रुपए 237 करोड़, 2024-25 में रु. 302 करोड़ की धनराशि का व्यय हुआ है। वर्ष 2025-26 में कैम्पा के तहत प्रस्तावित रुपए 439.50 करोड़ की लागत की वार्षिक योजना स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजी गई है।

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इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ धनंजय मोहन सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे

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