विश्व क्लबफुट दिवस के अवसर पर अनुष्का फाउंडेशन द्वारा गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में क्लबफुट से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों के साथ एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्लबफुट बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा इसके समय पर उपचार के महत्व को समझाना था।

इस अवसर पर ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञ डॉ. आदित्य सिंह तथा प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव आशा राय ने उपस्थित अभिभावकों को क्लबफुट (Clubfoot) के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्लबफुट, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ‘कोंजेनिटल टैलिप्स इक्विनोवरस’ (CTEV) अथवा ‘मुद्गरपाद’ कहा जाता है, एक जन्मजात विकृति है जिसमें बच्चे के एक या दोनों पैर अंदर तथा नीचे की ओर मुड़े होते हैं।

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विशेषज्ञों ने बताया कि यह समस्या लगभग प्रत्येक 800 नवजात शिशुओं में से एक को प्रभावित करती है। यदि समय रहते उचित उपचार शुरू कर दिया जाए तो बच्चा सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। उन्होंने विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त ‘पोन्सेटी पद्धति’ को क्लबफुट के सफल और प्रभावी उपचार का सबसे भरोसेमंद तरीका बताया।

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कार्यक्रम में उपस्थित परिवारों को उपचार प्रक्रिया, नियमित जांच और देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने का संदेश भी दिया गया।

अनुष्का फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि संस्था का उद्देश्य क्लबफुट से प्रभावित प्रत्येक बच्चे तक उपचार और जागरूकता पहुंचाना है, ताकि कोई भी बच्चा केवल जानकारी के अभाव में दिव्यांगता का शिकार न हो। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।

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फोटो कैप्शन: विश्व क्लबफुट दिवस पर गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज
चिकित्सा अस्पताल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते चिकित्सक एवं अनुष्का फाउंडेशन के प्रतिनिधि।

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