मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर के सभी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी की तैयारियों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से ऑडिट की प्रक्रिया पूरी की जाए।

इस अवसर पर बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डीजी अभिसूचना और सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी और अपर सचिव तृप्ति भट्ट मौजूद थे।

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