मानव सेवा, जनकल्याण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड की ओर से आगामी 1 नवंबर 2026, रविवार को देहरादून में एक विशाल निःशुल्क हृदय रोग जांच एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर रायपुर रोड स्थित साईं ग्रेस एकेडमी इंटरनेशनल में आयोजित होगा। शिविर के माध्यम से हृदय संबंधी बीमारियों से परेशान मरीजों, हृदय रोग के लक्षण महसूस करने वाले लोगों तथा अपने हृदय स्वास्थ्य की जांच कराने के इच्छुक नागरिकों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी।
इस विशेष सेवा अभियान में गुजरात के राजकोट और अहमदाबाद से हृदय रोगों के अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम देहरादून पहुंचेगी। शिविर को प्रशांति मेडिकल सर्विस का सहयोग प्राप्त हो रहा है। संगठन का प्रयास है कि आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता से अधिक से अधिक लोगों तक हृदय स्वास्थ्य संबंधी जांच एवं परामर्श की सुविधा पहुंचाई जा सके। शिविर में उपलब्ध सुविधाओं के अंतर्गत मरीजों की प्रारंभिक जांच और स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर आगे के उपचार के लिए उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल योगेंद्र सिंह ने शिविर के उद्देश्य, संगठन की सेवा गतिविधियों और जरूरतमंद हृदय रोगियों को सहायता उपलब्ध कराने की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
26 वर्षों से निस्वार्थ सेवा में जुटी प्रशांति मेडिकल सर्विस का सहयोग
कर्नल योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस शिविर में गुजरात के राजकोट और अहमदाबाद की प्रशांति मेडिकल सर्विस का सहयोग प्राप्त हो रहा है। उनके अनुसार, यह संस्था पिछले 26 वर्षों से निस्वार्थ भाव से सेवा कार्यों में जुटी हुई है और हृदय रोगियों की सहायता के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड में इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को उनके नजदीक ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि हृदय रोगों की जांच और समय पर चिकित्सकीय परामर्श कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने और आवश्यक जांच कराने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। कुछ लोग आर्थिक परेशानी के कारण जांच टालते रहते हैं, जबकि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बड़े अस्पतालों तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में निःशुल्क चिकित्सा शिविर जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहें मरीज
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अनेक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार अस्पताल आने-जाने का खर्च, जांचों का खर्च और उपचार की अन्य आवश्यकताओं के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संगठन का मुख्य उद्देश्य ऐसे मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिन्हें वास्तव में सहायता की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि शिविर में मरीजों को हृदय रोगों से संबंधित जांच और चिकित्सकीय परामर्श निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर तथा निर्धारित पात्रता के अंतर्गत आने वाले मरीजों को आगे के उपचार में भी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इस संबंध में संबंधित स्तर पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की पहल भी की जा रही है, ताकि पात्र जरूरतमंद मरीजों को आगे की चिकित्सा के लिए सहयोग मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे के उपचार में सहायता निर्धारित पात्रता और संबंधित व्यवस्था के अनुसार उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। इस पहल का उद्देश्य यह है कि मरीजों को केवल प्रारंभिक जांच तक सीमित न रहना पड़े, बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की चिकित्सा के लिए भी उचित मार्गदर्शन और संभावित सहायता मिल सके।
आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से होगी जांच
शिविर में गुजरात से आने वाली विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सहायता से हृदय संबंधी बीमारियों की जांच एवं प्रारंभिक स्क्रीनिंग करेगी। मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के बाद चिकित्सक आवश्यक परामर्श देंगे और यह बताएंगे कि उन्हें आगे किन जांचों या उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
संगठन का उद्देश्य लोगों को समय रहते अपने हृदय स्वास्थ्य के प्रति सचेत करना है। हृदय रोगों के जोखिम और लक्षणों को समझना, आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय जांच कराना तथा विशेषज्ञों की सलाह का पालन करना स्वास्थ्य की देखभाल के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। शिविर में आने वाले लोगों को अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में चिकित्सकों से चर्चा करने और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
शिविर में उपलब्ध जांचों और सुविधाओं का लाभ लेने के लिए मरीजों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, आगे की जांच या उपचार की आवश्यकता होने पर मरीजों को संबंधित चिकित्सकीय सलाह और उपलब्ध सहायता व्यवस्था के अनुसार मार्गदर्शन दिया जाएगा।
बदलती जीवनशैली में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना जरूरी
कर्नल योगेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में भागदौड़ भरी दिनचर्या, मानसिक तनाव, अनियमित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही के कारण लोगों को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हृदय स्वास्थ्य को लेकर भी समय पर जागरूक रहना आवश्यक है। कई बार लोग सीने में असहजता, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षणों को सामान्य समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार स्वास्थ्य की जांच कराना हृदय स्वास्थ्य की देखभाल में सहायक हो सकता है। जिन लोगों के परिवार में हृदय रोगों का इतिहास रहा है अथवा जिन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता है, उन्हें भी चिकित्सक की सलाह के अनुसार आवश्यक जांच करानी चाहिए।
उन्होंने यह भी अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को सीने में तेज दर्द, अचानक सांस लेने में कठिनाई या हृदयाघात जैसे गंभीर लक्षण महसूस हों, तो उसे शिविर की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है।
मानव सेवा ही माधव सेवा संगठन का मूल संकल्प
प्रदेश अध्यक्ष कर्नल योगेंद्र सिंह ने कहा कि सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड का मूल उद्देश्य मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए समाज के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है। संगठन मानव सेवा ही माधव सेवा के आदर्श को आत्मसात करते हुए विभिन्न सामाजिक, जनकल्याणकारी और सेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करता है।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुंचाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। निःशुल्क हृदय रोग चिकित्सा शिविर भी इसी भावना का हिस्सा है। संगठन का प्रयास है कि आर्थिक स्थिति किसी भी व्यक्ति के लिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और प्रारंभिक चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करने में बाधा न बने।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल जांच कराने का अवसर नहीं है, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करने की पहल भी है। यदि किसी व्यक्ति को समय रहते अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है, तो वह चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आगे की जांच और उपचार की दिशा में उचित कदम उठा सकता है।
मीडिया और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील
कर्नल योगेंद्र सिंह ने मीडिया प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की कि शिविर की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और हृदय संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को इस आयोजन के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया गया।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे आयोजनों की सफलता में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। समाचार माध्यमों के जरिए जब लोगों तक सही जानकारी पहुंचती है, तो जरूरतमंद व्यक्ति समय रहते उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आ सकते हैं। उन्होंने सभी से सेवा अभियान में सहयोग करने और निःशुल्क चिकित्सा शिविर का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
प्रेस वार्ता में ये रहे उपस्थित
शिविर की जानकारी साझा करने के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड के दीपक नौटियाल, अजय स्वरूप तथा साईं ग्रेस स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर समरजीत सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित सदस्यों ने शिविर के उद्देश्य, हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता और जरूरतमंद मरीजों तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आमजन से शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने और जरूरतमंद मरीजों को इसकी जानकारी देने की अपील की।
शिविर संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी
आयोजन: विशाल निःशुल्क हृदय रोग जांच एवं चिकित्सा शिविर
दिनांक: रविवार, 1 नवंबर 2026
स्थान: साईं ग्रेस एकेडमी इंटरनेशनल, 10 रायपुर रोड, देहरादून
आयोजक: सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड
चिकित्सकीय सहयोग: प्रशांति मेडिकल सर्विस, राजकोट एवं अहमदाबाद, गुजरात
मुख्य सुविधाएं: हृदय रोगों की जांच, प्रारंभिक स्क्रीनिंग, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और आगे के उपचार संबंधी मार्गदर्शन
शुल्क: शिविर में उपलब्ध जांच एवं परामर्श संबंधी सुविधाएं निःशुल्क
अंत में सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड ने समस्त नागरिकों से अपील की कि वे इस जनकल्याणकारी शिविर की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जरूरतमंद मरीजों को इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। संगठन ने “स्वस्थ हृदय–स्वस्थ जीवन” के संदेश के साथ समाज के सभी वर्गों से इस सेवा अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया
