मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ उत्तराखण्ड के बैनर तले एकता विहार धरना स्थल पर पिछले 169 दिनों से धरने पर बैठे बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन के साथ प्रस्तावित वार्ता में मांगों पर निर्णायक फैसले नहीं लिए गए तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

संगठन को शासन द्वारा आगामी 6 नवंबर को सेवा नियमावली लागू करने, पदों के सृजन, वर्षवार मेरिट के आधार पर भर्ती, भर्ती में आयु अर्हता पार कर चुके अभ्यर्थियों को एकमुश्त आयु छूट तथा सरकारी लैबों के निजीकरण पर रोक सहित विभिन्न मांगों पर वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। इस संबंध में संगठन के प्रदेश संरक्षक सर्वेश वशिष्ठ ने एकता विहार धरना स्थल पर उपस्थित होकर सभी प्रशिक्षित बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों से एकजुट होकर संघर्ष में सहभागिता करने का आह्वान किया।

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संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आशीष चंद्र, प्रदेश महासचिव मयंक राणा एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट ने बताया कि इससे पूर्व भी शासन द्वारा वार्ता निर्धारित की गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए उसे निरस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बेरोजगार लैब तकनीशियन लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत हैं और अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस एवं निर्णायक निर्णय चाहते हैं। यदि आगामी वार्ता भी निष्कर्षविहीन रहती है तो आंदोलन को व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए संगठन बाध्य होगा।

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प्रदेश महासचिव मयंक राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास कूच एवं “रोजगार शव यात्रा” के बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी भुवन रावत द्वारा एकता विहार धरना स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री से वार्ता करवाने का लिखित आश्वासन दिया गया था। इस संबंध में उन्हें पुनः अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री से वार्ता की कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं होती और शासन द्वारा संगठन की मांगों पर निर्णायक फैसले नहीं लिए जाते, तो राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मेडिकल लैब तकनीशियन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर संगठन के कोषाध्यक्ष देवेंद्र भट्ट, सिद्धार्थ कुकरेती, यमुनेश खंडूरी, रजत नौटियाल, विनोद थपलियाल, डॉली पोखरियाल, तरुणा जगूड़ी, मुकेश सजवान, अखिलेश भट्ट, गौरीशंकर सहित अन्य पदाधिकारी एवं आंदोलनकारी उपस्थित रहे

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