मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत दिवस प्रदेश के दायित्व धारकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर विभागीय योजनाओं, विकास कार्यों और सरकार की प्राथमिकताओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी दायित्व धारकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आंकलन करें तथा उसका वास्तविक फीडबैक समयबद्ध रूप से सरकार को उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बीते वर्षों में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं एवं ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जिनका लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचना सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दायित्व धारकों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ उनकी प्रगति की निगरानी भी करनी होगी।

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सीएम धामी ने दायित्व धारकों से अपेक्षा जताई कि वे जन संवाद के माध्यम से यह सुनिश्चित करें कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश आम जनमानस तक प्रभावी ढंग से पहुँचे। उन्होंने कहा कि शासन की उपलब्धियों, नवाचारों तथा विकास कार्यों को जनता के बीच सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक योजनाओं का लाभ ले सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार “विकास, सुशासन और पारदर्शिता” को मूल मंत्र मानकर कार्य कर रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी दायित्व धारक अपने कार्यक्षेत्र में समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही, किसी भी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं या जनता की समस्याओं का ईमानदारी से संज्ञान लेकर त्वरित समाधान हेतु रिपोर्ट दें।

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सीएम ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गति दोनों सुनिश्चित करनी होगी ताकि जनता में विश्वास बना रहे। मुख्यमंत्री ने दायित्व धारकों से कहा कि वे अपने कार्यों में पूर्ण सक्रियता और प्रतिबद्धता दिखाएं तथा प्रदेश सरकार के “जनसेवा के संकल्प” को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में सहायक बनें।

ध्यान देने वाली बात है कि मुख्यमंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करने पर बल दिया। चुनावी दृष्टिकोण से देखें तो जनता के बीच विश्वास कायम रखने के लिए यह एक महत्वपूर्ण रणनीति है। उधर भाजपा संगठन भी तैयारियों में जुट चुका है और सूत्रों की मानें तो आरएसएस ने भी बैठक की है

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कुल मिलाकर, दायित्व धारकों के साथ हुई सीएम की यह बैठक प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ-साथ एक सुविचारित चुनावी रणनीति का हिस्सा भी थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बैठक के माध्यम से न केवल सरकार की नीतियों का स्मरण कराया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि जनता तक सरकार की उपलब्धियाँ प्रभावी ढंग से पहुँचाई जाएँ। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह सक्रियता बताती है कि मुख्यमंत्री और उनकी टीम आने वाले महीनों में पूरे जोश और तैयारी के साथ चुनावी समर में उतरने वाली है।

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