प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मनोज वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार से मुलाक़ात कर चिकित्सा समुदाय से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विशेषज्ञ चिकित्सकों से संबंधित प्रमुख समस्याओं को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया।

वार्ता के दौरान संघ ने विशेष रूप से उन विशेषज्ञ चिकित्सकों के हित में बात रखी जो वर्ष 2016 और 2017 में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) हेतु गए थे। इन्हें अनुमन्य किए गए असाधारण अवैतनिक अवकाश (EOL) को अवैतनिक अध्ययन अवकाश (Study Leave Without Pay) में परिवर्तित किए जाने की माँग प्रमुखता से उठाई गई। यह परिवर्तन न केवल सेवा पुस्तिका (Service Records) में स्पष्टता लाएगा, बल्कि चिकित्सकों की वरिष्ठता और भविष्य की प्रोन्नति पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

ये भी पढ़ें:  देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरतापूर्वक सुना और कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। पीजी में गए चिकित्सकों के अध्ययन अवकाश से जुड़ा यह विषय तकनीकी व प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और हम इसे यथोचित प्राथमिकता के साथ हल करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। संबंधित विभागों से समन्वय कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की मंशा है कि चिकित्सकगण बिना अनावश्यक बाधाओं के अपने दायित्वों का निर्वहन करें और उनकी सेवा संबंधित सभी विषयों का निराकरण पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप किया जाए।

ये भी पढ़ें:  स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियां तेज

स्वास्थ्य सचिव के इस आश्वासन से चिकित्सा समुदाय में संतोष और भरोसे का वातावरण बना है। इस महत्वपूर्ण बैठक में डॉ. परमार्थ जोशी, डॉ. निशांत अंजुम एवं डॉ. अभिषेक नौटियाल भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर चिकित्सा समुदाय में नवीन आशा, विश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *