माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्य सहकारी बैंक के बढ़ते एनपीए (Non-Performing Assets) को गंभीर विषय बताते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़े एनपीए खातों की शीघ्र बैठक आयोजित कर प्रभावी वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक के दौरान मंत्री ने 21 सहकारी समितियों से संबंधित एसआईटी जांच के आदेशों के क्रम में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली और जांच प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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माननीय मंत्री ने आगामी दिनों में देहरादून, ऊधम सिंह नगर एवं टिहरी जनपद में आयोजित होने वाले सहकारिता मेलों की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं तथा इन तीनों जनपदों में सहकारिता मेले भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप में आयोजित किए जाएं, जिससे सहकारिता आंदोलन की उपलब्धियां आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें।

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डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता विभाग राज्य की आर्थिक एवं ग्रामीण विकास व्यवस्था की रीढ़ है और विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन एवं जनविश्वास सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई तथा सहकारिता गतिविधियों को सुदृढ़ बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक में निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक श्रीमती ईरा उप्रेती आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम पी त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल, प्रबंध निदेशक प्रदीप महरोत्रा, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी एवं सहकारिता संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे

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