मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लागू की गई डिजिटल आभा आईडी प्रणाली मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। जनवरी माह से संचालित इस व्यवस्था के माध्यम से मरीज घर बैठे आभा आईडी ऐप द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण (पर्चा) बना सकते हैं

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओपीडी मरीजों की आवक को देखते हुए आभा आईडी प्रणाली लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने में सहायक बन रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि पंजीकरण प्रक्रिया भी सरल एवं सुव्यवस्थित हुई है। विगत एक माह में अस्पताल में कुल पंजीकरण का लगभग 60 से 70 प्रतिशत आभा आईडी के माध्यम से किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें:  राज्य के हर स्कूल में बजेगी वॉटर बेल ग्रीष्म ऋतु की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

दूर-दराज क्षेत्रों से उपचार हेतु आने वाले मरीजों, विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह व्यवस्था अत्यंत सुविधाजनक सिद्ध हो रही है। आभा आईडी के माध्यम से मरीज सीधे संबंधित ओपीडी तक पहुंच रहे हैं, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा एवं असुविधा से राहत मिल रही है।
उल्लेखनीय है कि अस्पताल में आभा आईडी के साथ-साथ पूर्व की भांति ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया भी संचालित है, जिससे वे मरीज जो अभी आभा आईडी से जुड़े नहीं हैं, पूर्ववत् उपचार सुविधा प्राप्त कर रहे हैं।

जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित यह डिजिटल व्यवस्था न केवल पंजीकरण को सरल बना रही है, बल्कि मरीजों का सम्पूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में सुरक्षित कर रही है। इसके परिणामस्वरूप मरीजों को प्रत्येक बार अपनी व्यक्तिगत जानकारी पुनः दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होती। जांच रिपोर्ट एवं दवाइयों का विवरण भी ऐप के माध्यम से सुलभ हो रहा है।

ये भी पढ़ें:  देहरादून में डेयरी क्षेत्र को डिजिटल उड़ान, ईआरपी प्रणाली लॉन्च; टाटा कंज्यूमर्स के साथ एमओयू से ‘आंचल’ ब्रांड को मिलेगा राष्ट्रीय विस्तार

ओपीडी में उपचार कराने आई मरीज संगीता बडोला ने आभा ऐप से मिल रही सुविधा की सराहना करते हुए कहा कि ऑनलाइन पर्चा बनाने की सुविधा से उन्हें समय की बचत हो रही है और वे निर्धारित समय पर उपचार प्राप्त कर पा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

ये भी पढ़ें:  ऑपरेशन प्रहार‘‘ के तहत दून पुलिस को मिली एक और बड़ी सफलता

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि राज्य सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आभा आईडी के माध्यम से मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप में संरक्षित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था से सुगमता आई है। विगत एक माह से संचालित इस प्रणाली के अंतर्गत प्रतिदिन 60 से 70 प्रतिशत पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से हो रहे हैं, जिससे मरीजों को त्वरित एवं सुगम उपचार सुविधा उपलब्ध हो रही है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed