राजकीय फार्मेसी अधिकारियों के मान्यता प्राप्त सेवा संघ डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड ने स्वास्थ्य महानिदेशक के साथ बैठक कर स्वास्थ्य उपकेंद्रों में पूर्व से सृजित फार्मेसी अधिकारी के 391 पदों को यथावत रखे जाने की मांग की है। उनका कहना है कि उक्त प्रस्ताव पर स्वास्थ्य विभाग और कार्मिक विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान करने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है, जिससे सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण जनता को मिल रही स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल सेवा पर विपरीत असर पड़ रहा है। संगठन ने विभाग में चीफ फार्मेसी अधिकारी के रिक्त पदों पर पदोन्नति का प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजे जाने की मांग की है। उन्हाेंने कहा कि सेवानिवृति के कगार पर खड़े दर्जनों फ़ार्मेसी अधिकारी पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं। संगठन ने फार्मेसी संवर्ग के कार्मिकों को दस वर्ष की सेवा पर प्रथम पदोन्नत पद का वेतनमान देने, राज्य में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 का पूर्ण अनुपालन कराए जाने, सुदूर क्षेत्रों में स्थापित चिकित्सालयों में चिकित्सक की अनुपस्थिति में उड़ीसा और असम राज्य की तर्ज पर फार्मेसी अधिकारियों को औषधि प्रदान करने की मांग उठाई। महानिदेशक ने मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती महामंत्री डॉ सतीश चंद्र पाण्डेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश भूषण नौटियाल, उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार पाण्डेय, संगठन मंत्री राहुल लखेड़ा, संयुक्त मंत्री नितिन कुंवर, कोषाध्यक्ष प्रदीप रावत, संप्रेक्षक गंगा सिंह थलवाल उपस्थित थे

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