जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज कालसी क्षेत्रान्तर्गत विकास महिला हरिपुर सीएलएफ कोल्ड प्रेस्ड ऑयल यूनिट, कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर, अमृत सरोवर (धोईरा) एवं कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वंय सहायता समूहों द्वारा उत्पादन किये जा रहे उत्पाद की उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता के साथ ही  महिलाओं की आजीविका से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।  उन्होंने निर्देश दिए कि समूहों द्वारा संचालित इकाइयों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने हेतु उन्हें गूगल मैप्स पर एनरोल कराया जाए, जिससे उत्पादों की पहुंच व्यापक स्तर पर सुनिश्चित हो सके। उन्होंने  कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर का भ्रमण कर औद्योगिक एवं स्वरोजगार गतिविधियों की प्रगति का आकलन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कालसी ग्रोथ सेंटर की पानी की किल्लत निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। हरिपुर कालसी में विकास महिला हरिपुर सीएलएफ के तेल उत्पाद कोल्डप्रेस होने के साथ ही स्वास्थ्य वर्धक है। वहीं कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर एप्पल जैम, चटनी, अदरक कैंडी के उप्पाद तैयार किए जाते है। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादन हेतु उचित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अमृत सरोवर (धोईरा) का निरीक्षण कर रखरखाव, जल संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मत्स्य विभाग को निर्देशित किया कि  स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, सरोवर के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के साथ ही तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह सरोवर मनरेगा के तहत निर्मित है और लगभग 07 माह पूर्व महिला समूह को हस्तांतरित किया गया है, जहां प्राकृतिक तरीके से मत्स्य पालन किया जा रहा है।  जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं एवं इकाइयों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए तथा स्थानीय लोगों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए प्रयास तेज किए जाएं। निरीक्षण के दौरान निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक एवं स्वयंसहायता समूह के सदस्य उपस्थित रहे। कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण, पशुपालन व्यवस्थाओं का निरीक्षण जिलाधिकारी सविन बसंल ने कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण कर दुग्ध उत्पादन, पशुपालन व्यवस्थाओं एवं स्थानीय रोजगार की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने परिसर में पौध रोपण भी किया।  उन्होंने पशुओं के बाड़ों का निरीक्षण कर उपचार सुविधाओं की जानकारी ली। परिसर में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन का अवलोकन करते हुए उन्होंने मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन हेतु किए गए आवेदन पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को समन्वय करने के निर्देश दिए। पशु प्रजनन फार्म कालसी उत्कृष्टता केंद्र के रूप में पहचान वर्ष 1962 में स्थापित पशु प्रजनन फार्म, कालसी एक महत्वपूर्ण सरकारी केंद्र है, जहां रेड सिंधी एवं जर्सी नस्ल की गायों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। यह केंद्र उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड के अंतर्गत संचालित है तथा भ्रूण प्रत्यारोपण  (Embryo Transfer) तकनीक के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यहां शुद्ध नस्ल के सांडों का उत्पादन एवं वितरण कर स्थानीय पशुधन की नस्ल सुधार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही वर्ष 2010 से संचालित चारा बैंक किसानों को राहत सामग्री एवं विशेष पशु आहार उपलब्ध करा रहा है। निरीक्षण के दौरान निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, डॉ अजय असवाल सहित सम्बन्धित अधिकारी सदस्य उपस्थित रहे

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