भारतीय सेना के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों के सामने पहाड़ की तरह तनकर खड़े हो जाते हैं। अब उत्तराखंड के आदर्श नेगी भी आतंकियों से लोहा लेते हुए बलिदानी हो गए। उनकी शहादत की खबर सुनने के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। आदर्श नेगी के घर पर लोगों का तांता लग गया। उनके पिता किसान हैं।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड निवासी राइफलमैन आदर्श नेगी बलिदान हो गए। इस खबर के बाद उनके घर में कोहराम मचा है। उनके स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।

घर में थे सबसे छोटे

26 वर्षीय आदर्श टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के थाती डागर गांव के रहने वाले थे।उनके पिता दलबीर सिंह नेगी गांव में ही खेतीबाड़ी का काम करते हैं।आदर्श ने बारहवी तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज पिपलीधार से हुई। 2019 में वह गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हो गए। उस दौरान वह गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएससी द्वितीय वर्ष थे।

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एक भाई चेन्नई में करता है नौकरी

आदर्श तीन भाई बहन में सबसे छोटे थे। उनकी बहन की शादी हो चुकी है और भाई चेन्नई में नौकरी करता है।वह इसी साल फरवरी में अपने ताऊ के लड़के की शादी में घर आए थे। सोमवार देररात उनके बलिदान होने की खबर स्वजन को दी गई। यह जानकारी मिलते ही उनके घर में मातम छा गया।

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