उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पैक्स कर्मचारी सेवा नियमावली 2025 में कर्मचारी परिषद के सुझाव सम्मलित करने का आश्वासन दिया है, इसी के बाद नियमावली को सार्वजनिक करने की बात कही है। इस पर परिषद ने अपना कार्य बहिष्कार का निर्णय वापस ले लिया है। पिछले कई दिनों से चल रहा कार्मिकों का आंदोलन भी फिलहाल थम गया है। शुक्रवार को हुई पैक्स कर्मचारी संगठन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

पैक्स कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड ने अपनी विभिन्न मांगें सरकार के सम्मुख रखी हैं, जिसमें कहा गया कि

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नियमावली को 2025 तक कार्यरत सचिवों, कार्मिकों पर लागू न किया जाए, वेतन भत्तों के भुगतान की जिम्मेदारी नियंत्रक को दी जाए, कैडर फंड की व्यवस्था में राज्य सरकार अंशदान करें, स्थानांतरण नीति में सुधार किया जाए, वेतन, ग्रेच्युअटी, नकदीकरण राज्य सरकार के वेतनमान/मानकों के अनुसार देय हो, सहकारी समितियों की स्वायतता को बरकरार रखा जाए

बता दें कि प्रदेश के समस्त सचिव/कार्मिक एक मई को मियांवाला पहुंचे। निंबधक कार्यालय कूच से पहले एक निजी भवन के हॉल में बैठक आयोजित हुई। यहां नियमावली के विरोध में कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की, इस बीच सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मौके पर पहुंचे, कार्मिकों ने उनका जोरदार स्वागत किया, प्रदेश के अध्यक्ष हर्षमणि नौटियाल ने सहकारिता मंत्री के सम्मुख नियमावली की खामियों को विस्तृत रुप से रखा गया, सहकारिता मंत्री ने कार्मिकों को सहकारिता की रीढ़ कहकर संबोधित किया

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मंत्री ने कार्मिकों के प्रचंड आंदोलन को देखते हुए नियमावली की अधिसूचना को रोकते हुए परिषद के सुझाव के पूर्ण रुप से इसमें सम्मलित करने के उपरांत पुनः कैबिनेट में लाने तथा अधिसूचित करने का विश्वास दिलाया गया, तत्काल निबंधक कार्यालय द्वारा आदेश पारित कर अपर निबंधक सहकारी समितियां ईराउप्रेती की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया,

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जिसमें एमपी त्रिपाठी, संयुक्त निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड, नाबार्ड के एक प्रतिनिधि, पैक्स कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष, तथा उनके द्वारा नामित दो सदस्य इस कमेटी के सदस्य बनाए गए। संयुक्त परिषद को धरना स्थल पर पत्र प्राप्त होने के उपरांत सर्वसम्मति से अगली बैठक तक कार्यबहिष्कार को स्थगित किया गया। समयबद्ध संशोधन न होने पर संयुक्त परिषद पुनः कार्य बहिष्कार/हड़ताल संबंधी निर्णय लेगी

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