मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का अधिक से अधिक समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी 60 प्रतिशत समस्याओं का समाधान हो रहा है। मार्च 2024 तक 80 प्रतिशत समस्याओं के समाधान का लक्ष्य रखा जाए। मुख्यमंत्री ने सीएम दर्पण डैशबोर्ड 2.0 का भी शुभारंभ किया मंगलवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि नौ मई 2023 से 22 जनवरी 2024 तक कुल 95573 शिकायतें पंजीकृत हुईं, जिनमें से 60 प्रतिशत का संतोषजनक रूप से समाधान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ शिकायतें ऐसी भी होती हैं, जिनका कई बार व्यवहारिक रूप से समाधान तलाशने के बावजूद निस्तारण नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में विभाग शिकायतकर्ताओं से संवाद अवश्य करें इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि शिकायत को एकतरफा बंद न किया जाए। इससे पहले शिकायकर्ता को पूरी तरह संतुष्ट किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को नियमित रूप से हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए बैठक में बताया कि शिकायतों के संबंध में लगातार जनता से संवाद किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक 52.93 प्रतिशत देहरादून, 35.06 प्रतिशत चमोली और हरिद्वार में 34.77 प्रतिशत व्यक्तियों से संवाद किया गया। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री जनसमर्पण तहसील दिवस पोर्टल शुरू कर दिया गया है बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर भी बात की। रुड़की निवासी अमित ने बताया कि उन्होंने दाखिल खारिज के संबंध में शिकायत की थी, जिसका अब निस्तारण हो गया है। एक अन्य शिकायतकर्ता महावीर ने बताया कि उन्होंने स्ट्रीट लाइट के संबंध में शिकायत की थी जिसका निस्तारण हो गया है बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बद्र्धन, राज्य अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, विनय शंकर पांडेय, शैलेश बगोली, राधिका झा, पंकज पांडेय, बीवीआरसी पुरुषोत्तम व महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में सभी सरकारी कार्यालयों में सोलर पैनल अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक करोड़ व्यक्तियों के लिए सोलर पैनल योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े व्यावसायिक भवनों में भी इसकी अनिवार्यता की जाए। उन्होंने सभी प्राधिकरणों को नक्शा पास करते समय इसका अनुपालन कराने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को अग्रणी राज्य के रूप में शामिल करना सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री कह चुके हैं कि तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में जब राज्य रजत जयंती मना रहा होगा तो हर विभाग को इससे पहले अपनी एक मॉडल योजना धरातल पर जरूर उतारनी चाहिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed