मुख्यमंत्री के जनसेवा संकल्प के तहत पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है और तत्परता से पेयजल समस्या का निदान करने में जुटा है। इधर कंट्रोल रूम को शिकायत मिलते ही उधर फील्ड अधिकारी मौका मुआयना कर समस्या का समाधान कर रहें। विगत 20 अप्रैल से लेकर 09 जून तक विभिन्न माध्यमों से पेयजल की 130 शिकायतें मिली है, जिसमें से 126 शिकायतों का समाधान कर पानी की आपूर्ति सुचारू की गई है। शेष समस्या के समाधान हेतु मौके पर काम जारी है।

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जिलाधिकारी सविन बंसल ने पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर एडीएम की अध्यक्षता में जिले स्तर पर समिति गठित की गई है, जो नियमित रूप से पेयजल शिकायतों की मॉनिटरिंग कर रहे है। डीएम के निर्देश पर पेयजल सप्लाई से जुडे 07 विभागों के अधिकारी 20 अप्रैल से जिला कंट्रोल रूम में तैनात किए गए है और डे-टू-डे पेयजल समस्याओं का त्वरित निस्तारण जारी है।

जिलाधिकारी ने पेयजल सप्लाई से जुड़े विभागों को मानसून अवधि के लिए भी पूर तैयारी रखते हुए हर घर तक निर्बाध रूप से पानी की नियमित सप्लाई जारी रखने के निर्देश दिए है। डीएम ने निर्देश दिए कि बरसात में लीकेज, गंदा पानी की समस्या को दूर करने के साथ ही लाइन क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल मरम्मत की जाए। पानी के टैंको में रेगुलर साफ सफाई और क्लोरिनेशन किया जाए। जेई, एई एवं विभाग के अन्य सक्षम अधिकारी जनपद के सभी क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति की अपने स्तर पर नियमित समीक्षा करें और परिलक्षित कमियों को तत्काल दूर करें। ताकि आम जनता के सामने पेयजल की समस्या न आए।

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जिलाधिकारी के निर्देशों पर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में नियमित निगरानी करते हुए ट्यूबवेल व नलकूपों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जल संस्थान एवं जल निगम के सभी डिविजनों में समस्याओं के निस्तारण के लिए टोल फ्री नंबर भी प्रचारित किए गए है। इसके अलावा कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 0135-2726066 व 1077 पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।    
       
 

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