आर्याना क्रिएशंस द्वारा आयोजित दो दिवसीय हैंडलूम एवं एथनिक फैशन उत्सव ‘The Loom Collective’ का शुभारंभ फर्स्ट लेडी श्रीमती गुरमीत कौर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हैंडलूम भारत की विरासत है। इसे बचाने की जरूरत है। लोग इससे दूर जा रहे हैं, क्योंकि इसमें बहुत मेहनत लगती है और मेहनत के अनुसार इसकी मजदूरी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि हैंडलूम के पीछे जो हाथ होते हैं, हमें उन्हें मजबूत करना की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोग्राम लगातार आयोजित होने चाहिए और गाँव को भी इसमें शामिल करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने हैंडलूम उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

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आर्याना क्रिएशंस से रश्मि बर्द्धन ने कहा कि हथकरघा कला को बढ़ावा देने के लिए हम सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। हमें संकल्प लेना है कि इसको सिर्फ संरक्षित नहीं करना बल्कि और समृद्ध करना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय हस्तकरघा की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना, स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को मंच प्रदान करना है। हैंडलूम क्षेत्र से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय शिल्प को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

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कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य आकर्षण पैनल डिस्कशन रहा, जिसमें पैनलिस्ट ने हथकरघा और हस्तशिल्प कला और उससे जुड़े लोगों और उनकी आजीविका पर सार्थक चर्चा हुई। हैंडलूम की समृद्ध परंपरा, भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा को बचाने के लिए एक ईको सिस्टम विकसित करने पर बल दिया गया, जहां पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए मेडिकल सुविधा, बच्चों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाने की दिशा पर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया गया

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