अब राज्य में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता नियमावली लागू होने के पश्चात होने वाले विवाह व तलाक के पंजीकरण निकाय स्तर से किए जाएंगे।

नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत स्तर पर नगर आयुक्त अथवा अधिशासी अधिकारी विवाह और तलाक के पंजीकरण कर सकेंगे। इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अपना अनुमोदन दिया है। बता दें कि इससे पहले पंजीकरण उप रजिस्ट्रार द्वारा किया जाता था।

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वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि राज्य में शहरी स्थानीय निकायों के अंतर्गत विवाह एवं तलाक के पंजीकरण के लिए अब निकायों के सक्षम अधिकारी कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि सक्षम अधिकारी ही उप रजिस्ट्रार के दायित्व का निर्माण करेगा। इसके लिए उन्हें अधिकृत किया गया है।

वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि कार्य में सुगमता लाने तथा पंजीकरण में तीव्रता आएं, के लिए किया जा रहा है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि विवाह और तलाक के पंजीकरण की कार्रवाई ऑनलाइन की जाएगी तथा यूसीसी पोर्टल के माध्यम से संपादित होगी।

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वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस कार्य के लिए सक्षम अधिकारी को कोई भी अतिरिक्त वेतन भत्ता देय नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उप रजिस्ट्रार के रूप में किए जाने वाले कार्यों का संचालन जल्द ही प्रकाशित होने वाली उत्तराखंड समान नागरिक संहिता नियमावली के संगत प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

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वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में निकाय स्तर पर एकत्रित किए जाने वाले डाटा को केंद्रीयकृत डाटा के रूप में संग्रहित किया जाएगा।

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