मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान प्रदर्शनकारियों को एकता विहार धरना स्थल वापस भेजे जाने के बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। संगठन द्वारा आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा था तथा आंदोलनकारी पुनः मंत्री आवास की ओर कूच करने की तैयारी में थे। इसी बीच प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वार्ता की पहल की। देर शाम सिटी मजिस्ट्रेट श्री राकेश तिवारी की मध्यस्थता एवं प्रदर्शनकारियों के साथ हुई दूरभाष वार्ता के बाद गतिरोध समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई

इसके उपरांत पुलिस इंस्पेक्टर (कोतवाल) श्री कैलाश भट्ट के नेतृत्व में संगठन के पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस वाहन से यमुना कॉलोनी स्थित स्वास्थ्य मंत्री आवास ले जाया गया, जहाँ प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य मंत्री के साथ विस्तृत एवं सकारात्मक वार्ता हुई।

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बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों की वर्षों से लंबित चारों प्रमुख मांगों को मजबूती से रखा। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक एवं सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार वैकल्पिक व्यवस्था के तहत निजी कंपनियों को ठेके पर संचालित की जा रही लैबों की व्यवस्था की समीक्षा कर रही है तथा चरणबद्ध तरीके से उन स्थानों पर पुनः सरकारी प्रयोगशालाओं के संचालन की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

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संगठन की ओर से प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष आशीष चंद्र, प्रदेश महासचिव मयंक राणा, बीना गुरुरानी, प्रियंका पुरोहित एवं शिलोनी वशिष्ठ शामिल रहे।

वार्ता के उपरांत संगठन ने कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का सम्मान करता है और सरकार को शीघ्र निर्णय लेने का अवसर देगा। किंतु यदि निर्धारित समय के भीतर चारों मांगों पर ठोस एवं लिखित कार्यवाही नहीं की गई, तो प्रदेशभर के ऐलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों एवं छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, युवाओं को न्याय दिलाने, सरकारी प्रयोगशालाओं को मजबूत करने तथा जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जारी है

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