आज उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के केन्द्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ओबीसी प्रकोष्ठ के केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ. पंकज पैन्यूली ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य का ओबीसी वर्ग आज स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. पैन्यूली ने निम्नलिखित मुख्य मुद्दों को मीडिया के सम्मुख रखा: बिंदु 1: राज्य बनाम केंद्र ओबीसी सूची की विसंगति (State vs Central List)
“पहला और सबसे गंभीर मुद्दा ‘दोहरी सूची’ का है। उत्तराखण्ड में ऐसी कई जातियाँ हैं जिन्हें राज्य सरकार ने ओबीसी का दर्जा दिया है, लेकिन वे केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल नहीं हैं। इसका परिणाम यह है कि हमारा युवा राज्य की नौकरियों में तो ओबीसी है, लेकिन जैसे ही वह केंद्र की UPSC, रेलवे, बैंकिंग या SSC की परीक्षा देता है, उसे ‘सामान्य’ मान लिया जाता है। IIT, IIM और AIIMS जैसे बड़े संस्थानों में हमारे बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा। सरकार आखिर सो क्यों रही है? हमारी मांग है कि राज्य सरकार तुरंत एक प्रभावी प्रस्ताव केंद्र को भेजे ताकि इन जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल किया जाए।”

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बिंदु 2: उपेक्षित क्षेत्रों को ‘पिछड़ा क्षेत्र/OBC क्षेत्र’ घोषित करना
“दूसरा मुद्दा, उत्तराखण्ड राज्य बने 25 वर्ष होने को हैं, लेकिन आज भी हमारे पहाड़ के कई सीमांत और दुर्गम क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं—जैसे पक्की सड़क, बेहतर अस्पताल और ढंग के स्कूलों—से वंचित हैं। वहां आज भी बीमार को डोली में ले जाना पड़ता है। उक्रांद की मांग है कि जिन क्षेत्रों में 25 सालों बाद भी विकास शून्य है, उन विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों को ‘OBC/पिछड़ा क्षेत्र’ घोषित किया जाए। वहां के निवासियों को विशेष आरक्षण और विकास पैकेज दिया जाए ताकि भौगोलिक विषमता के कारण वे पीछे न छूटें।”

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बिंदु 3: बैकलॉग पदों पर तत्काल भर्ती (Backlog Vacancies)
“तीसरा मुद्दा बेरोजगारी और रिक्त पदों का है। विभिन्न सरकारी विभागों में ओबीसी वर्ग के सैकड़ों पद ‘बैकलॉग’ के रूप में खाली पड़े हैं। सरकार नई भर्तियों की घोषणा तो करती है, लेकिन इन पुराने खाली पदों को भरने की नियत नहीं दिखाती। हम मांग करते हैं कि सरकार तत्काल ‘श्वेत पत्र’ जारी करे कि किस विभाग में कितने ओबीसी पद खाली हैं और 6 महीने के भीतर विशेष भर्ती अभियान (Special Drive) चलाकर इन्हें भरा जाए।”

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“अंत में, डॉ. पैन्यूली ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार द्वारा तत्काल इन मांगों पर विचार नहीं किया गया तो उत्तराखण्ड क्रांति दल शांत नहीं बैठेगा। उक्रांद पूरे प्रदेश के गांव-गांव और ब्लॉक-ब्लॉक जाकर ‘जन-जागरण अभियान’ चलाएगा। हम ओबीसी समाज को लामबंद करेंगे और सरकार की इस उपेक्षा के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। हक की यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है।”

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