मुख्यमत्री ने पूर्व में मुख्यमंत्री राहत कोष से लिनचौली से सोनप्रयाग तक के अतिवृष्टि के प्रभावितों की क्षतिपूर्ति हेतु जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग से प्राप्त प्रस्तावानुसार 09 करोड 08 लाख की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत की थी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा आपदा प्रभावितों के लिए 56 लाख की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की। इस प्रकार मुख्यमंत्री द्वारा कुल 9 करोड 64 लाख की राहत धनराशि को डीबीटी के माध्यम से प्रभावितों को भेजी गई।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ क्षेत्र में आई आपदा एक दुखद घटना थी। स्थानीय लोगों की सहायता एवं प्रशासन की मदद से रेस्क्यू अभियान तेज़ी से पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा आपदा के दौरान प्रभावित हुए लोगों एवं व्यापारियों की मदद के लिए राज्य सरकार हमेशा तत्पर रहेगी। केदारनाथ यात्रा मार्ग को और सुगम बनाए जाने पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। चार धाम यात्रा ने पुनः रफ्तार पकड़ ली है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भव्य एवं दिव्य केदारनाथ बनाने का कार्य गतिमान है। केदारनाथ क्षेत्र में करोड़ों की योजनाओं पर निरंतर कार्य चल रहा है इन योजनाओं से स्थानीय लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता प्रदान हो रही है। उन्होंने कहा केदारनाथ क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है एवं स्थानीय लोगों की हर संभव मदद हेतु सरकार संकल्पित है।

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गौरतलब है कि इस वर्ष 31 जुलाई को केदारनाथ क्षेत्र में अतिवृष्टि से लिनचौली से सोनप्रयाग तक पैदल तथा मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। जिससे विभिन्न व्यवसायियों स्थानीय लोगों को काफी नुकसान हुआ था।

इस अवसर पर रुद्रप्रयाग के विधायक भरत चौधरी गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग डॉ. सौरव गहरवार एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे

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