सीएम के प्रताप से चिट्ठी पत्र, मंथन, वाद-विवाद पूर्व ही धरातल पर उतर जाते हैं, आजकल जिला प्रशासन के कामः

डिजाईन, सर्वे, कान्सेप्ट तो ज्वाइनिंग के दूसरे माह की कर लिया था तैयारः निरंतर संगठित करने में लगे थे धनराशि

जनमानस की समस्या का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता-जिलाधिकारी सविन बंसल।

राजधानी देहरादून में जनमानस को सुगम सुविधा मुहैया कराने में जिलाधिकारी सविन बंसल हर स्तर के कार्यों को धरातल पर उतार रहे है और मुख्यमंत्री के संकल्प को सिद्वी तक ले जाने का काम कर रहे है। जिलाधिकारी के प्रयासों से जहां देहरादून के पौराणिक धरोहरों की तस्वीर संवरने लगी है वही सुगम और सुरक्षित सड़क सुविधा के लिए अभिनव पहल शुरू की गई है। शहर में नव निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्याे के लिए जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी बजट से 10 करोड़ की धनराशि का प्राविधान किया है।
राजधानी देहरादून में सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित यातायात के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्व है। डीएम के निर्देश पर देहरादून के 11 प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक लाइट लगाने शुरू हो गया है, जिसके अन्तर्गत महाराणा प्रताप चौेक, नालपानी चौेक, मोथोरावाला, आईटी पार्क, टांस्पोर्टनगर में लाईट लगाने का कार्य प्रारम्भ हो गया है तथा प्रेमनगर चौक, सुधोवाला चौक, रांगड़वाला, धूलकोट तिराहा, सेलाकुई बाजार तिराहा, डाकपत्थर तिराहा में जल्द कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। जिलाधिकारी के प्रयासों से शहर में 05 वर्षों में प्रथम बार प्रमुख चौराहों पर लगे पुलिस के सीसीटीवी कैमरे भी इंटीग्रेट करवाए जा चुके है। जिससे सड़को पर सुरक्षित यातायात की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
जिलाधिकारी सविन बंसल जनमानस की समस्या को अपनी पीड़ा समझ कर लगातार जनसेवा में जुटे है और सिर्फ दिखावा और कहते नहीं, बल्कि पूरे मनोयोग से जन समस्याओं का समाधान करते है। जिलाधिकारी के अथक प्रयासों से ही देहरादून में आज कई योजनाएं धरातल पर उतर रही है और समस्याओं का तत्परता और समय से समाधान होने से आम जनता को राहत मिल रही है। जिलाधिकारी की पहल पर राजधानी देहरादून को सुंदर और पौराणिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों से संवारने के लिए अभिनव कार्य किए जा रहे है। इसमें देहरादून स्थित साई मंदिर जंक्शन, कुठालगेट और दिलाराम चौक का पहाड़ी शैली में सौन्दर्यीकरण का काम शुरू हो गया है। जिसके अंतर्गत राज्य की सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाती हुई कलाओं के माध्यम से चौराहे सजाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही लोक परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर, और धार्मिक स्थलों की कलाकृतियों के साथ राज्य आंदोलनकारियों की स्मृतियों को भी चौराहों और मुख्य मार्गों पर प्रदर्शित कराया जा रहा है, ताकि देहरादून आने वाले पर्यटकों को यहां की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिल सके।

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