प्रातः 2:30 बजे, पुलिस कोतवाली जोशीमठ द्वारा एसडीआरएफ टीम को सूचित किया गया कि दो व्यक्ति मारवाड़ी पुल के पास मलबे में दबे हुए हैं और रेस्क्यू के लिए सहायता की आवश्यकता है।

सूचना प्राप्त होते ही, उप निरीक्षक विनीत देवरानी की अगुवाई में एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने पर एसडीआरएफ की टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

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जब टीम मौके पर पहुंची, तो पाया कि एक मजदूर का अधिकांश हिस्सा मलबे के नीचे दबा हुआ है, जबकि केवल सिर ऊपर दिखाई दे रहा था। जैसे ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, मलबे में दबे मजदूर के ऊपर से पहाड़ी का एक हिस्सा टूट कर गिरने लगा गया। इस अचानक घटना के चलते मजदूर और रेस्क्यू टीम के ऊपर पत्थर गिरने लगे। ऐसी कठिन स्थिति में एसडीआरएफ के कांस्टेबल प्रदीप लसियाल और कांस्टेबल शेखर नगरकोटी ने सूझबूझ दिखाते हुए पास में स्थित जेसीबी का सहारा लेकर पत्थरों के गिरने पर रोक लगाई। इस साहसिक प्रयास से उन्होंने न केवल मजदूर की जान बचाई बल्कि रेस्क्यू टीम को भी सुरक्षित रखा।

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इसके बाद टीम ने भारी बारिश के बीच त्वरित कार्रवाई करते हुए मलबे को हटाया और दिनेश नामक मजदूर को घायल अवस्था में निकालकर अस्पताल भेजा। दूसरे मजदूर, गम बहादुर, का शव स्थानीय पुलिस द्वारा पूर्व में ही बरामद कर लिया गया था।

घायल मजदूर:

  • नाम: दिनेश
  • निवासी: नेपाल
    मृतक मजदूर:
  • नाम: गम बहादुर
  • निवासी: नेपाल
    इस रेस्क्यू ऑपरेशन में उप निरीक्षक आशीष तोपवाल, अपर उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह,आरक्षी प्रमोद मठपाल, आरक्षी शेखर नगरकोटी, आरक्षी प्रदीप लसियाल और पैरामेडिक्स कमल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
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