कोटद्वार कोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शुक्रवार को ही अदालत ने अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था

अंकिता के माता – पिता ने अपनी बेटी के हत्यारों के लिए फांसी की मांग की थी। सुनवाई से पहले उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वे रोते हुए अपनी बेटी के पक्ष में न्याय की मांग कर रहे थे।

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क्या था अंकिता भंडारी हत्याकांड मामला

अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के रूप में ऋषिकेश के वंतारा रिजॉर्ट में काम करती थी। पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने मिलकर अंकिता भंडारी को चीला नहर में धक्का दे दिया था। जब अंकिता की मौत हुई तो उसकी उम्र 19 साल थी। बताया गया था कि, अंकिता भंडारी ने रिजॉर्ट में आए लोगों को एक्सट्रा सर्विस देने से मना कर दिया था। इसी के चलते उसकी हत्या कर दी गई।

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इस मामले के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। पुलकित आर्य के परिवार का राजनीतिक बैकग्राउंड है इसके चलते मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। 19 वर्षीय अंकिता 18 सितंबर 2022 को गायब हुई थी। 5 दिन बाद उसकी लाश नहर में मिली थी। अंकिता भंडारी की गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलकित आर्य ने ही दर्ज करवाई थी। जब जांच हुई तो इस हत्या में उसकी संलिप्तता का पता चला
एसआईटी ने इस मामले में 500 पेज की चार्जशीट तैयार की थी। 2 साल 8 महीने चली सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को दोषी पाया है। इस मामले में 97 लोगों को गवाह बनाया गया था। इनमें से 47 अहम गवाहों को अदालत में पेश किया गया था।

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